By: Bhopalmahanagar
08-03-2019 09:24

भोपाल। कमलनाथ सरकार प्रदेश में 80 दिन का कार्यकाल पूरा कर रही है, इस दौरान सरकार ने पार्टी के वचन पत्र के आधार पर जनहित में जो ताबड़तोड़ फैसले किए हैं, उससे भाजपा को अगले लोकसभा चुनाव में तगड़ा झटका लग सकता है। क्योंकि सरकार ने प्रदेश के सबसे बड़े ओबीसी वोट बैंट को साधने के लिए 27 फीसदी आरक्षण का फैसला किया है। साथ ही एससी-एसटी वर्ग का एक लाख तक का कर्जा माफ करने का भी ऐलान किया है। नाथ के इस फैसले से ओबीसी वोट इस बार चुनाव में भाजपा के पाले से सिखक सकता है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा से वे सभी मुद्दे छीन लिए हैं, जिनके जरिए भाजपा चुनाव में कांग्रेस की घेराबंदी करने वाली थी। खासकर सरकार के बड़े फैसलों से तबादले उद्योग का आरोप दब सा गया है। मजेदार बात यह है कि कमलनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के पाले से फिल्म अभिनेता सलमान खान को भी तोड़ लिया है, अब सलमान मप्र की ब्रॉडिंग करेंगे। 

कर्जमाफी 

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में किसानों का 2 लाख तक का कर्जा माफ करने का वचन दिया था। मुख्यमंत्री कमलनाथ का दावा है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले राज्य के 25 लाख किसानों का कर्जा माफ हो जाएगा। शेष किसानों को आचार संहिता हटने के बाद कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा। भाजपा कर्जमाफी को मुद्दा बनाकर लोकसभा चुनाव में भाजपा की घेराबंदी करने की तैयारी में है। 

27 फीसदी आरक्षण 

प्रदेश में पिछले 15 साल से पिछड़े वर्ग के तीन मुख्यमंत्री उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहन रहे हैं, लेकिन ओबीसी वर्ग की मांगों से तीनों नेताओं ने हमेशा दूरी बनाए रखी। कमलनाथ ने एक झटके में ओबीसी को 27 फीसदी आक्षणण देने के लिए कमेटी का गठन कर दिया। ओबीसी भाजपा का सबसे बड़ा वोट बैंक है, आरक्षण के फैसले से कमलनाथ ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है। हालांकि चुनाव में भाजपा तमाम तर्कों के आधार पर आरक्षण के फैसले को लेकर सरकार गुमराह करने का आरोप लगाएगी। 

एसटी-एससी का कर्जा माफ

पिछले कुछ सालों में कांग्रेस के परंपरागत आदिवासी वोट बैंक में भजापा ने सेंध लगाई। लेकिन कमलनाथ सरकार ने एसटी-एससी वर्ग का एक लाख तक का कर्जा माफ करने की घोषणा कर दोनों वर्गों को साधने की कोशिश की है। 

पेंशन और विवाह राशि को बढ़ाया

कमलनाथ सरकार ने पेंशन, कन्या विवाह राशि को बढ़ाया है। साथ ही कर्मचारियों की मांगों पर भी विचार किया है। साथ ही जिला, जनपद एवं पंचायत स्तर पर होने वाले फैसलों में सरलीकरण किया है। बिजली बिल 100 रुपए किया। पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में काम किया है। अगले सालों में ग्राम पंचायत स्तर पर ज्यादातर फैसले होंगे। कमलनाथ सरकार के इन फैसलों से सीधे तौर पर लोगों को राहत पहुंची है।

Related News
64x64

रायपुर। अपने विवादित बयानों से हमेशा चर्चा में रहने वाले नंदकुमार बघेल ने अब कांग्रेस पार्टी को सुझाव दिया है कि वह कम से कम 400 सीटों पर अकेले चुनाव…

64x64

पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को निधन होने के बाद राज्य में बीजपी नीत गठबंधन दलों ने एक नए नेता की तलाश में बैठक की. केंद्रीय मंत्री…

64x64

शहर का रेलवे स्टेशन ईको स्मार्ट बनेगा। यानी एक तरह का ग्रीन रेलवे स्टेशन। ये वे स्टेशन होते हैं, जहां की हवा काफी शुद्ध और वातावरण गंदगी मुक्त होता है।…

64x64

इजरायल की सेना ने गाजा में 100 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर दी है. इजरायल ने ये कार्रवाई उसकी राजधानी तेल अवीव पर हुए 4 रॉकेट हमलों के बाद की.…

64x64

आलिया भट्ट 15 मार्च को 26 साल की हो गई हैं। 2012 में 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वालीं आलिया भट्ट के सितारे आज…

64x64

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्वक आतंकी घोषित किए जाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का फैसला कुछ ही दिन में आने वाला है। इसी…

64x64

हैदराबाद। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव की घड़ी नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे नेताओं के कड़वाहट बढ़ती जा रही है। अब तेलंगाना में कांग्रेस की स्टार प्रचारक और तेलंगाना चुनाव प्रचार समिति…

64x64

भोपाल| मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए संजीवनी बनी कर्जमाफी अब गले की फांस बन गई है| दस दिन में वचन पूरा करने वाली सरकार ढाई महीने में भी सभी…