By: Bhopalmahanagar
13-04-2019 07:39

अमृतसर के जलियांवाला बाग के नरसंहार कांड के आज यानी शनिवार को 100 साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके पर वहां एक खास कार्यक्रम होने वाला है, जिसमें शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. इस कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पंजाब के राज्यपाल शहीदों को श्रदांजलि देंगे. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार सुबह अमृतसर पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी उनके साथ रहे.

शुक्रवार देर रात अमृतसर पहुंचे राहुल गांधी ने श्री अकाल तख्त गोल्डन टैम्पल में माथा टेका. इस दौरान उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी मौजूद रहे. शनिवार को जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा रहा है. इस मौके पर शहीदों की याद में सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया जाएगा.

राहुल के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू सहित कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद थे. सभी नेताओं ने जलियांवाला बाग के भीतर स्थित स्मारक स्थल पर सुबह श्रद्धांजलि अर्पित की साथ ही 13 अप्रैल, 1919 को बर्बर तरीके से मौत के घाट उतारे गए लोगों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा. गांधी शुक्रवार रात अमृतसर पहुंचे, इसके बाद वह सिंह के साथ स्वर्ण मंदिर गए और वहां मत्था टेका.

राहुल गांधी ने विजिटर बुक में लिखा, ‘आजादी की कीमत को कभी भुलाया नहीं जाना चाहिए. हम भारत के लोगों को सलाम करते हैं जिन्होंने आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया.’ भारत में ब्रिटेन के हाई कमिश्नर डोमिनिक आस्क्वीथ भी अलग से शनिवार को जलियांवाला बाग स्मारक स्थल गए. उन्होंने विजिटर बुक में लिखा, ‘आज से 100 साल पहले की जलियांवाला बाग घटना ब्रिटिश भारतीय इतिहास की एक शर्मनाक घटना है. जो कुछ भी हुआ और उससे उपजी पीड़ा से हमें बेहद दुख है.’

इतिहास में दर्ज इस दुखद घटना पर पंजाब सरकार की ओर से कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए थे. शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री और राज्यपाल वी पी सिंह बदनोर ने कैंडललाइट मार्च में भी हिस्सा लिया. सिंह ने भारत के इतिहास में इस घटना को बेहद दुखदाई बताया. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने जलियांवाला नरसंहार कांड की 100वीं बरसी से पहले बुधवार को इसे ब्रिटिश भारतीय इतिहास में ‘शर्मसार करने वाला धब्बा’ करार दिया लेकिन उन्होंने इस मामले में औपचारिक माफी नहीं मांगी.

गौरतलब है कि पंजाब के अमृतसर में स्थित जलियांवाला बाग नरसंहार 13 अप्रैल 1919 को वैशाखी के दिन हुआ था. जलियांवाला बाग में स्वतंत्रता के समर्थन में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के लिए जुटी भीड़ पर कर्नल आर डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश इंडियन आर्मी ने अंधाधुंध गोलीबारी की जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे.

इससे पहले शुक्रवार शाम राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. कैंडल मार्च में कैबिनेट मंत्री सुखबिंदर सिंह सुखसरकरिया, ओम प्रकाश सोनी, सुनील जाखड़, आशा कुमारी, गुरजीत औजला, सुनील दत्ती, इंदरबीर बुलारिया, राजकुमार वेरका के अलावा स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया.
 

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